अनुसंधान क्षेत्र

निम्न अनुभाग अनुसंधान के विचार के लिए विषयों की व्यापक स्पेक्ट्रम देता है। समस्याओं को मुख्य रूप से भारतीय सेंसर डाटा और उत्पादों जैसे रीसैट (राडार इमेजिंग सैटेलाइट) के रूप में, AWiFS (उन्नत वाइड फील्ड सेंसर) का उपयोग कर संबोधित करने की जरूरत है, लिस (रैखिक इमेजिंग और स्व स्कैनिंग) और इनसैट सीसीडी (चार्ज कपल  डिवाइस) डेटा। अन्य भारतीय सेंसर डाटा भी उपलब्ध हैं।तकनीक के विकास और मॉडलिंग उम्मीदवारों से अपेक्षा की जाती है। शोध के विषय में विचार विमर्श / बातचीत के माध्यम से सैक के अनुसंधान समिति और भाग लेने वाले एजेंसी के साथ परामर्श में छात्रों द्वारा चुना जाएगा। हालांकि, नीचे का सुझाव विषयों में से कुछ व्यापक मुद्दों के साथ जो शुरू करने के लिए बढ़ाई जा सकती है पर संभावित प्रशिक्षुओं को व्यापक निर्देश प्रदान करेगा। अनुसंधान समस्याओं की एक अस्थायी सूची नीचे सूचीबद्ध हैं जो विभिन्न विषयों के तहत संभव है (लेकिन सीमित नहीं):

कृषि पारिस्थितिकी प्रणालियों

  • फसल प्रकार / विविध भेदभाव (विशेष रूप से खरीफ फसलों जैसे, पल्स फसल बनाम अनाज की फसल रीसैट डेटा का उपयोग कर) से स्वचालित निष्कर्षण तकनीक
  • फसल चरण भेदभाव (प्रजनन बनाम वनस्पति)
  • जैव भौतिकी गुणों (उदाहरण के लिए, एलएआय, बायोमास उपज, घनत्व) पुनर्प्राप्ति
  • जैव रासायनिक गुणों आकलन
  • रोग और तनाव (उदाहरण के लिए, कीट प्रकोप, सूखा, नाइट्रोजन की कमी)
  • शुद्ध प्राथमिक उत्पादकता और फसल अवशेषों के अध्ययन
  • मिट्टी की उर्वरता (जैविक कार्बन, नाइट्रोजन) और परिवर्तनशीलता मूल्यांकन तकनीक
  • बागवानी फसलों और वर्णक्रम पुस्तकालय विकास के भेदभाव
  • देशी और आक्रामक खरपतवार प्रजातियों के साथ फसलों का भेदभाव 
  • सब्जी और फल फसलों का भेदभाव
  • फसल पैटर्न / प्रणाली निकासी तकनीक के विकास से स्वचालित तकनीक ।

वेटलैंड पारिस्थितिक तंत्र

  • भौतिकीय पानी की गुणवत्ता के मानकों जैसे पारदर्शिता, मैलापन(टर्बिडीटी), निलंबित तलछट एकाग्रता के रूप में ।
  • जैविक विशेषताओं जैसे क्लोरोफिल की एकाग्रता ।
  • वनस्पति प्रकार / प्रजातियों और घनत्व भेदभाव।
  • वेटलैंड का फैलाव और मौसमी बदलाव - रीसैट और / या ऑप्टिकल डेटा का उपयोग कर स्वचालित निष्कर्षण ।

मैनग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र

  • वर्ग/जाति स्तर पर मैनग्रोव का विभेदन तथा वनस्पतीय संघटन मॉडलिंग एवं उत्पादकता मॉडलिंग.
  • मैनग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र के अंतर्गत विभिन्न आप्लावन स्तर में आर्द्र भूमि (मडफ्लैट) को समझना
  • मैनग्रोव को स्वास्थ्य, कार्बन गतिकी / वास्तविक स्थिति का निर्धारण

कोरलरीफ़ पारिस्थितिकी

  • जलमग्न कोरलरीफ़ की मैक्रोफिट्स/मैक्रेशैवाल विभेदन की तकनीकी
  • बेंथिक एवं लिथो-अवस्तर क्षेत्र में प्राकृतिक वास विभेदन
  • जल कॉलम अभिलक्षणन तथा गहराई आकलन

वन पारिस्थितिकी

  • वनों का जाति/समुदाय मानचित्रण- स्वचालित तकनीक
  • क्रियात्मक परिमाणात्मक वनस्पति प्रतिबल की पहचान
  • आग जोखिम मॉडलिंग हेतु ईंधन आर्द्र सूचकांक का विकास
  • पुष्प ऋतु जैविकी को समझना तथा वनस्पति प्रकार्यात्मक प्रकारों का विकास
  • एल्पाइन ट्रीलाइन निष्कर्षण स्वत:विधि
  • पारिस्थितिकी प्राचलों की मॉडलिंग एवं पुन: प्राप्ति
  • दावानल संसूचन हेतु एल्गोरिथम विकास

खनिज अन्वेषण

  • बहु/स्थानीय डेटा के साथ भूपृष्ठीय खनीज/शैल प्रकारों का विभेदन
  • शैल प्रकारों के स्पेक्ट्रमी व्यवहार पर अपक्षयण एवं मृदा का प्रभाव
  • भौगोलिक मानचित्रण तकनीक
  • बहुसंवेदक डेटा के साथ खनीज पूर्वानुमानी खनीज अन्वेषण/ पहचान
  • खनीज संसाधन, पृष्ठीय भू-रसायन, हाइड्रो-तापीय निदान तथा संभाव्य अन्वेषण

क्रायोमंडल

  • भिन्न हिमालयन पर्यावरण में हिम स्पेक्ट्रमी विशेषता
  • हिम ग्रेन आकार और उनकी वृद्धि दर को प्राप्त करने की तकनीक
  • हिम घनत्व आकलन तकनीकें
  • हिम प्रकार मानचित्रण स्वचालित विधियों
  • एल्बीडो एवं हिम गलन आकलन पर हिम पैक विशेषताएं
  • आरआईसैट डेटा का प्रयोग कर अंटार्टिका हिम विस्तार पर हिम गहराई आकलन
  • ध्रुवीय पर्यावरण में हिम-दरार क्षेत्र निष्कर्षण

जैविक समुद्रविज्ञान

  • अंतर्निहित प्रकाशिक तटीय गुणधर्मों (अवशोषण, पश्चप्रकीर्णन) का अध्ययन तथा समुद्र तटीय (क्लोरोफिल- प्रलंबित तलछट, सीडीओएम) संयोजन
  • पादपप्लवक आकार श्रेणीयों और वर्णक संघटन द्वारा पादपप्लवक समुदाय संरचना
  • हानिकारक अल्ग्ल ब्लूम, अन्य ब्लूम जैसे ट्रिकोड्समियम
  • विलयित कार्बनिक द्रव्य अभिवाह
  • पादपप्लवक क्रियाविज्ञान
  • बैथिमेट्री, तल अभिलक्षणन तथा बैंनथिक वास मानचित्रण
  • झील का जैव-प्रकाशिक अभिलक्षणन

हिम तथा ग्लेशियर

  • विभिन्न हिमालयी पर्यावरण में हिम का स्पेक्ट्रमी अभिलक्षणन
  • हिम ग्रेन आकार तथा उनकी वृद्धि दर ज्ञात करने की तकनीकें
  • हिम घनत्व आकलन तकनीक
  • हिम प्रकार मानचित्रण की स्वचालित विधि
  • ऐल्बिडो तथा हिम गलन आकलन पर हिम संवेष्टन अभिलक्षणन

जलविज्ञान अध्ययन

  • जल विभाजक से राष्ट्रीय पैमाने पर वर्षा-अपवाह मॉडलिंग
  • भारतीय हिमालयी क्षेत्र में हिम गलन अपवाह मॉडलिंग
  • उपग्रह तुंगतामिति से नदी/जलाशय जल स्तर की जानकारी
  • उपग्रह प्लेटफार्म से स्थलीय जल भंडारण परिवर्तन का मॉनीटरन
  • भारत/ नदी घाटियों पर उपग्रह आकड़ा आधारित जलविज्ञान संबंधी परिवर्तनशीलता
  • नदी प्रवाह तथा बाढ़ आप्लावन मॉडलिंग
  • प्रक्रम आधारित तथा जल विज्ञान संबंधी प्रणाली मॉडलों का विकास
  • जल संतुलन मॉडल हेतु विभिन्न जल-विज्ञान तथा जलीय मॉडलों जैसे माइक शी, एसडब्ल्यूएटी, एचईसी-एचएमएस, एचईसी-आरएएस इत्यादि का अनुप्रयोग
  • जल विभाजक स्केल पर युग्मित जलविज्ञानी संबंधी तथा जलचालित मॉडलिंग
  • जलीय सूखा मॉडलिंग
  • जलवायु परिवर्तन जल-विज्ञान संबंधी प्रभाव
  • उपग्रह द्वारा भूमिगत जल अवक्षयन का प्रभाव
  • वन जल-विज्ञान मॉडलिंग
  • जल गुणता का सुदूर संवेदन

शहरी अध्ययन

  • स्वचालित लक्षण निष्कर्षण
  • 3-डी शहरी मॉडलिंग
  • स्मार्ट वृद्धि तथा नगर प्रसार विश्लेषण
  • तूफान जल प्रबंधन तथा मॉडलिंग
  • शहरी विकास की मॉडलिंग एवं अनुकरण
  • शहरी पैमाने पर सौर ऊर्जा
  • शहरी वायु गुणता मॉडलिंग
  • शहरी उष्म टापू
  • शहरी आपदा प्रबंधन
  • शहरी जलवायु परिवर्तन प्रत्यास्थता

ग्रहीय विज्ञान

  • चंद्र, मंगल इत्यादि हेतु अक्षीय स्पेक्ट्रमिकी द्वारा पृष्ठीय संघटन अध्ययन
  • कक्षीय उच्च विभेदन स्टीरियो द्वारा ग्रहीय आकृतिविज्ञान, संरचना तथा विवर्तनिकी
  • सीएसएफडी विधि का प्रयोग करते हुए चंद्रमा एवं मंगल, ग्रहीय पिंडों विशेषतया हेतु पृष्ठीय आयु संसूचन
  • मंगल के वायुमंडलीय प्रकाशिक गहराई का आकलन
  • मंगल मेघ, उनके विशेषताएं तथा वर्गीकरण इत्यादि
  • विविध गतिकीय सतहों के लक्षणों जैसे सैड-स्ट्रीक्स/ड्यून, डार्क-मैटल, ध्रुवीय हिम कैप इत्यादि में विभिन्न परिवर्तन संसूचन
  • हाइपर स्पेक्ट्रमी डेटा हेतु सुधार एल्गोरिथम का विकास

अन्य अध्ययन

  • समुद्री में पादपप्लवक संयोजन तथा मौसमी परिवर्तन
  • पीएआर तथा एओडी में प्रवृत्ति विश्लेषण तथा मौसमी विचरण
  • आरआईएसएटी-1 डेटा का ध्रुवीयमितीय प्रचिह्न विश्लेषण
  • झील हिम व्युत्पन्न एवं हिम गुणधर्म अध्ययन
  • संवेदी डेटा का प्रयोग कर ग्रीन हाउस गैसों का आकलन
  • समुद्र तटीय भूमि विस्तार तथा भूमि वर्ग निष्कर्षण
  • तट के निकट सीआरजेड प्राचल निष्पादन
  • संवेदक निष्पादन का वैधीकरण
  • संवेदक व्युत्पन्न उत्पाद का अंशांकन
  • जल गुणता प्राचलों का स्वचालित निष्कर्षण
  • नदी प्रवाह तथा भारत के प्रमुख नदी घाटियों में जल प्रवाह मॉडलिंग
  • जीआईएस आधारित आवश्यकता अनुरूप एप्प ( शहरी भू-उपयोग, साइट उपयुक्तता, भूमि संपदा, जलाशय विकास प्राथमिकता, पर्यावरण प्रभाव विश्लेषण)